Saraswati Puja 2026: 22 या 23 जनवरी कब है सरस्वती पूजा? नोट करें पर्व की तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि
Saraswati Puja 2026: हर छात्र के जीवन में सरस्वती पूजा का दिन खास महत्व रखता है. इस दिन विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता सरस्वती की आराधना करता है, उसे ज्ञान की प्राप्ति होती है और कार्यों में सफलता मिलती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल सरस्वती पूजा कब मनाई जाएगी.
Saraswati Puja 2026: हर साल सरस्वती पूजा माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. देशभर में इस दिन को बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन विद्या, ज्ञान, कला और संगीत की देवी माता सरस्वती को समर्पित होता है. इस दिन विशेष रूप से घर, स्कूल और कॉलेजों में माता सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस वर्ष सरस्वती पूजा कब मनाई जाएगी.
साल 2026 में सरस्वती पूजा कब मनाई जाएगी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 22 जनवरी 2026 की रात 2 बजकर 29 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 23 जनवरी 2026 की रात 1 बजकर 47 मिनट पर होगा. ऐसे में इस वर्ष सरस्वती पूजा 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी.
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 23 जनवरी की सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा.
पूजा विधि
सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इस दिन पीले रंग का वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है. इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें. फिर लकड़ी की एक चौकी लें और उस पर पीले रंग का वस्त्र बिछाएं. इसके बाद माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें. माता सरस्वती के पास भगवान गणेश की भी छोटी सी प्रतिमा रखें.
इसके बाद माता को चंदन अर्पित करें और फल, फूल, अगरबत्ती, धूप, अक्षत, रोली, चंदन, कुमकुम और भोग अर्पित करें. फिर माता के चरणों के पास कलम, किताबें, नोटबुक और अपने कार्य से संबंधित वस्तुएं रखें और प्रार्थना करें. इसके बाद माता के मंत्रों का जाप करें और अंत में माता की आरती के साथ पूजा पूर्ण करें.
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