1938 में शुरू हुई झांकी प्रतियोगिता
Ranchi Ram Navami: रांची में रामनवमी के अवसर पर निकलने वाली झांकियां श्रद्धालुओं और दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होती हैं. शहर के विभिन्न अखाड़े और समितियां धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित झांकियां तैयार करती हैं, जिन्हें देखने के लिए हजारों लोग सड़कों पर उमड़ते हैं.
रांची में झांकी प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 1938 में श्री रामनवमी श्रृंगार समिति द्वारा की गई थी. इस परंपरा को आगे बढ़ाने में मुरली महाराज, सीतेश शर्मा और महेंद्र साहू का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है. झांकियों के माध्यम से भगवान राम के जीवन प्रसंग, देवी-देवताओं की कथाएं और भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाता है. समय के साथ यह प्रतियोगिता रामनवमी उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है.
1950 में शुरू हुई अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता
रामनवमी उत्सव के दौरान शस्त्र प्रदर्शन की परंपरा भी काफी पुरानी और महत्वपूर्ण मानी जाती है. वर्ष 1950 में चर्च रोड स्थित श्री महावीर मंडल ने अष्टमी के दिन अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता की शुरुआत की थी.
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इस प्रतियोगिता में विभिन्न अखाड़ों के सदस्य पारंपरिक युद्ध कला, लाठी, तलवार और अन्य शस्त्रों के संचालन का प्रदर्शन करते हैं. इसका उद्देश्य केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि पारंपरिक युद्ध कला और अखाड़ा संस्कृति को जीवित रखना भी है. समय के साथ कई अन्य संस्थाओं ने भी इस प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया और आज यह रामनवमी उत्सव का प्रमुख आकर्षण बन चुका है.
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श्री महावीर मंडल के नेतृत्व में निकलती है शोभायात्रा
रांची में रामनवमी के दिन निकलने वाली भव्य शोभायात्रा का आयोजन श्री महावीर मंडल के नेतृत्व में किया जाता है. इस मंडल के पदाधिकारियों का हर साल चुनाव होता है और वही पूरे आयोजन की जिम्मेदारी संभालते हैं.
इस वर्ष सागर वर्मा को श्री महावीर मंडल का अध्यक्ष चुना गया है, जो रामनवमी उत्सव के आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं. शहर के विभिन्न अखाड़े, धार्मिक समितियां और हजारों श्रद्धालु इस शोभायात्रा में भाग लेते हैं.
