Ramadan third Jumma: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बहुत पवित्र और बरकतों से भरा होता है. इसी पवित्र महीने का तीसरा जुमे शुक्रवार को रांची के विभिन्न मस्जिदों में बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा किया जाएगा. इस दिन रोजेदार खास तौर पर मस्जिदों में पहुंचकर नमाज पढ़ेंगे और अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआ मांगेंगे.
तीसरे जुमे की नमाज का कार्यक्रम
रांची के बरियातू जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान खतीब मौलाना डॉ. असगर मिस्बाही नमाज अदा कराएंगे. नमाज से पहले वे रमजान के आखिरी अशरे (अंतिम दस दिनों) के महत्व पर तकरीर करेंगे और लोगों को इसकी खासियत के बारे में बताएंगे.
वहीं मस्जिद-ए-आइशा में दोपहर करीब सवा एक बजे जुमे की नमाज अदा की जाएगी. इसके अलावा मस्जिद-ए-हेरा में दोपहर एक बजे नमाज होगी, जहां मौलाना मुकर्रर नमाज पढ़ाएंगे.
रमजान का तीसरा अशरा शुरू
मौलाना असगर मिस्बाही ने बताया कि 10 मार्च से रमजान का तीसरा अशरा यानी आखिरी दस दिनों की शुरुआत हो रही है. यह अशरा बहुत खास माना जाता है क्योंकि इसी दौरान शबे कद्र की मुबारक रात आती है. इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से भी बेहतर बताई गई है.
इसी अशरे में अल्लाह तआला अपने बंदों के गुनाह माफ करते हैं और कई गुनहगारों को जहन्नम से आजादी मिलती है. इसलिए मुसलमान इन दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत, दुआ और कुरान की तिलावत करते हैं.
एतिकाफ की भी होगी शुरुआत
रमजान के आखिरी अशरे में एतिकाफ करने की परंपरा भी है. 10 मार्च को असर (शाम लगभग पांच बजे) की नमाज के बाद जो लोग एतिकाफ करना चाहते हैं, वे मस्जिदों में दाखिल होंगे. इसके बाद वे चांद रात तक मस्जिद में ही रहकर अपना समय इबादत, नमाज और कुरान पढ़ने में बिताएंगे.
जुमे का दिन क्यों खास है
इस्लाम में जुमे के दिन को बहुत फजीलत वाला दिन माना गया है. नबी ए करीम हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जुमे के दिन को मोमिनों के लिए ईद जैसा बताया है. इसलिए इस दिन मुसलमान खास तौर पर नमाज, दुआ और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं.
रमजान में पांच जुमे
इस बार रमजान के महीने में कुल पांच जुमे पड़ रहे हैं. इनमें से दो जुमे पहले ही गुजर चुके हैं, जबकि 6 मार्च को रमजान का तीसरा जुमे अदा किया जाएगा. इस दिन रोजेदार रमजान का 16वां रोजा भी रखेंगे और पूरे मन से इबादत करेंगे.
