Ram Navami 2026: शुक्रवार को राजधानी में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा. नवमी तिथि का आरंभ गुरुवार दोपहर 2:16 बजे से हो चुका है, जो शुक्रवार दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल कुमार मिश्र के अनुसार, उदया काल में नवमी तिथि पड़ने के कारण सुबह से ही पूजा-अर्चना का शुभ समय रहेगा. साथ ही, मध्याह्न व्यापिनी नवमी और शाम 5:12 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग इस पर्व को और भी विशेष बना रहा है.
शोभायात्राओं की भव्य तैयारी
रामनवमी के अवसर पर राजधानी के विभिन्न इलाकों में दोपहर 2:00 बजे से भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी. बजरा, हेहल, पुंदाग, लोवाडीह, बांधगाड़ी और बड़गाई जैसे क्षेत्रों से निकलने वाली शोभायात्राएं विभिन्न अखाड़ों को साथ लेकर मुख्य जुलूस का हिस्सा बनेंगी. ये सभी शोभायात्राएं ओवरब्रिज मार्ग से होते हुए श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर पहुंचेंगी, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पुनः अपने-अपने अखाड़ों में लौट जाएंगी.
अखाड़ों की भागीदारी और मार्ग
इस वर्ष करीब 1832 अखाड़े शोभायात्रा में भाग लेंगे, जिनमें से 1800 अखाड़े रांची, डोरंडा और नामकुम क्षेत्र से हैं, जबकि 32 अखाड़े एचईसी इलाके से निकलेंगे. धुवां से शुरू होकर पंच मंदिर सेक्टर-2 तक जाने वाली यात्राएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी. डोरंडा और हिनू क्षेत्र से निकलने वाली अलग शोभायात्राएं राजेंद्र चौक होते हुए तपोवन मंदिर पहुंचेंगी. रास्ते में श्रीराम-भरत मिलाप के आयोजन भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे.
सेवा शिविर और स्वागत की व्यवस्था
रामनवमी के अवसर पर शहर के प्रमुख मार्गों जैसे शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक और महात्मा गांधी चौक से लेकर ओवरब्रिज तक सेवा शिविर लगाए जाएंगे. यहां श्रद्धालुओं के लिए जल, प्रसाद और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. जगह-जगह शोभायात्राओं का भव्य स्वागत भी किया जाएगा.
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मंदिरों में विशेष पूजा और जन्मोत्सव
सुबह से ही श्रीराम-जानकी तपोवन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगेगी. करीब 11:30 बजे से भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू होंगी और दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इसके बाद मंगल आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा. दोपहर एक बजे के बाद मंदिरों की साफ-सफाई कर शोभायात्राएं आगे बढ़ेंगी.
