रक्षाबंधन की पूजा की थाली में क्या-क्या रखें? जानें हर जरूरी सामग्री और उसका महत्व

रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जाती है. इस थाली में रखी हर सामग्री का अपना खास महत्व है. जानें पूजा की थाली में क्या-क्या रखें और क्यों.

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और अटूट रिश्ते का त्योहार है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जाती है, जिसमें कई जरूरी सामग्री रखी जाती हैं. यह थाली केवल सजावट का हिस्सा नहीं होती, बल्कि इसमें रखी हर वस्तु का अपना विशेष धार्मिक महत्व भी होता है. आइए जानते हैं रक्षाबंधन की पूजा की थाली में किन-किन सामग्रियों को रखना चाहिए और उनका क्या महत्व है.

रक्षाबंधन की पूजा की थाली में रखें ये सामग्री

"रक्षाबंधन के लिए थाली सजाती हुई महिला की सांकेतिक तस्वीर (PC - AI)

रोली या कुमकुम

लाल रंग को विजय, ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है. माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाना शुभ माना जाता है और यह सकारात्मकता का प्रतीक है.

अक्षत

अक्षत का अर्थ है, जिसका क्षय न हो. तिलक के ऊपर अक्षत लगाने का तात्पर्य भाई के जीवन में अखंड समृद्धि, वैभव और पूर्णता की कामना करना है.

राखी

यह पूजा की थाली का सबसे मुख्य हिस्सा होती है. रेशमी धागे या कलावे से बना यह रक्षासूत्र भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक माना जाता है.

यह भी पढ़ें: पुत्रदा एकादशी है कल, जानें व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं?

दीपक

दीपक की प्रज्वलित लौ अंधकार को दूर कर प्रकाश का प्रतीक मानी जाती है. भाई की आरती उतारना उसके जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता की कामना का प्रतीक है.

मिठाई

पूजा के बाद भाई का मुंह मीठा कराना रिश्तों की मिठास और प्रेम का प्रतीक है. यह भाई-बहन के संबंधों में मधुरता बनाए रखने का संदेश देता है.

चंदन या हल्दी

चंदन को शीतलता और शांति का प्रतीक माना जाता है, वहीं हल्दी को शुभता और आरोग्य से जोड़ा जाता है. कई परंपराओं में रोली के साथ चंदन या हल्दी का तिलक भी लगाया जाता है.

यह भी पढ़ें: पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानें क्या करें और क्या नहीं


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >