रांची का पिपलेश्वर महादेव मंदिर, जहां नाग देवता के दर्शन की है मान्यता

Pipleshwar Mahadev Temple in Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में आस्था और रहस्य से जुड़ा एक प्राचीन मंदिर है पिपलेश्वर महादेव मंदिर. नामकुम इलाके में स्थित इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई चमत्कारी मान्यताएं प्रचलित हैं. लोगों का विश्वास है कि यहां नाग देवता का वास है और समय-समय पर भक्तों को […]

Pipleshwar Mahadev Temple in Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में आस्था और रहस्य से जुड़ा एक प्राचीन मंदिर है पिपलेश्वर महादेव मंदिर. नामकुम इलाके में स्थित इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई चमत्कारी मान्यताएं प्रचलित हैं. लोगों का विश्वास है कि यहां नाग देवता का वास है और समय-समय पर भक्तों को उनके दर्शन भी होते हैं. यही वजह है कि यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां रहने वाले नाग देवता किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते. यहां तक कि अगर किसी को सांप काट भी ले, तो भी उस व्यक्ति को कुछ नहीं होता. ऐसी ही एक घटना ने लोगों को हैरान कर दिया, जब एक महिला ने बताया कि बचपन में उसे सांप ने काट लिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे कोई नुकसान नहीं हुआ.

पुल निर्माण से जुड़ी अनोखी मान्यता

पिपलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी एक और दिलचस्प मान्यता नामकुम के पुराने पुल से भी जुड़ी हुई है. बताया जाता है कि यह पुल स्वर्णरेखा नदी के ऊपर बना हुआ है. जब इस पुल का निर्माण किया जा रहा था, तब बार-बार पुल गिर जाया करता था. कहा जाता है कि उस समय निर्माण कार्य देख रहे एक इंजीनियर को सपना आया. सपने में उन्हें बताया गया कि इस स्थान पर एक शिवलिंग की स्थापना करनी होगी और साथ ही नाग-नागिन की मूर्ति भी बनानी होगी. मान्यता के अनुसार पुल बनने की वजह से नाग-नागिन का आशियाना नष्ट हो गया था, इसलिए निर्माण कार्य बार-बार असफल हो रहा था. इसके बाद इंजीनियर ने तुरंत वहां शिवलिंग की स्थापना करवाई और नाग-नागिन की मूर्ति भी बनवाई. कहा जाता है कि इसके बाद पुल का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया. आज भी यह पुल मजबूती से खड़ा है और रांची को दूसरे शहरों और राज्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ है.

मंदिर में तोड़फोड़ के बाद दिखे नाग देवता

मंदिर के पास रहने वाले स्थानीय निवासी सुरेश कुमार बताते हैं कि इस मंदिर के पास एक पुराना पीपल का पेड़ है, जिसमें कई वर्षों से नाग देवता का बसेरा माना जाता है. इसी वजह से इस स्थान का नाम पिपलेश्वर महादेव पड़ा. उनका कहना है कि कई साल पहले मंदिर में कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कर दी थी. इसके बाद एक दिन अचानक नाग देवता प्रकट हुए और शिवलिंग से लिपटकर बैठ गए. इसे लोगों ने इस बात का संकेत माना कि मंदिर की मरम्मत की जानी चाहिए. बाद में स्थानीय लोगों ने मंदिर की मरम्मत करवाई और पूजा-अर्चना फिर से शुरू हुई.

रांची की लाइफ लाइन है यह पुल

नामकुम में स्वर्णरेखा नदी पर बना यह पुल रांची को बंगाल और कई अन्य राज्यों से जोड़ता है. पहले के समय में यह सड़क संपर्क का प्रमुख मार्ग हुआ करता था और आज भी हजारों वाहन रोज इस पुल से गुजरते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पुल पिपलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से ही वर्षों से मजबूती से खड़ा है और रांची की कनेक्टिविटी बनाए हुए है.

ये भी पढ़ें: टांगीनाथ धाम, गुमला का अद्भुत शिवधाम जहां 17 फीट धंसा त्रिशूल

सावन में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के महीने में पिपलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ और भी ज्यादा बढ़ जाती है. दूर-दराज से लोग यहां पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां भगवान शिव की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >