Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता. खरमास की अवधि लगभग एक महीने की होती है. इस दौरान शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और अन्य मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह समय मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है. यह दान-पुण्य और उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि खरमास में किए गए दान से कई जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है.
खरमास में करें इन चीजों का दान
गुड़ और तिल का दान
खरमास में गुड़ और तिल का दान बहुत शुभ माना जाता है. इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है.
अनाज का दान
अन्नदान को हिंदू धर्म में ‘सर्वश्रेष्ठ दान’ कहा गया है. खरमास में गेहूं, चावल और दाल का दान करने से घर में बरकत बनी रहती है और कभी भी अन्न की कमी नहीं होती.
घी और शहद का दान
मान्यता है कि शुद्ध देसी घी और शहद का दान करने से शारीरिक शक्ति और आरोग्य की प्राप्ति होती है. इसे किसी मंदिर में या ब्राह्मण को दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
तांबे के बर्तन का दान
खरमास में तांबे के बर्तन का दान बहुत ही शुभ माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तांबे का संबंध सूर्य देव से है. कहते हैं कि इस समय तांबे की वस्तुएँ या बर्तन दान करने से सूर्य दोष दूर होते हैं और करियर में तरक्की के मार्ग खुलते हैं.
पीले रंग की वस्तुओं का दान
चूंकि सूर्य अभी बृहस्पति की राशि मीन में हैं, इसलिए पीले रंग की वस्तुओं का दान करना कुंडली में गुरु और सूर्य दोनों को मजबूत करेगा. आप चने की दाल, हल्दी, पीले फल या पीले वस्त्र दान कर सकते हैं.
दान करते समय इन बातों का ध्यान रखें
- निस्वार्थ भाव: दान हमेशा बिना किसी दिखावे या अहंकार के करें.
- सही पात्र का चयन: दान हमेशा किसी जरूरतमंद, गरीब या योग्य ब्राह्मण को करें.
- स्नान के बाद दान: सुबह स्नान करके और सूर्य देव को अर्घ्य देकर दान करना सबसे उत्तम माना जाता है.
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