Chhath Puja 2022  Arghya Timing: उगते सूर्यो को कुछ ही देर में दिया जाएगा अर्घ्य, जानें सूर्योदय का समय

Chhath Puja 2022  Arghya Timing, 31 October Suryoday ka Samay Sunrise time of 31 October 2022: अब से कुछ ही देर में छठव्रती उगते हुए भगवान सूर्य को दूसरे अर्घ्य देंगे. देखें बिहार झारखंड के जिलों में कल कब होगा सूर्यादय

By Shaurya Punj | October 31, 2022 5:12 AM

Chhath Puja 2022 Arghya  Timing, 31 October Suryoday ka Samay Sunrise time of 31 October 2022: :   लोक आस्था के महापर्व छठ के मौके पर रविवार 30 अक्टूबर की शाम छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य प्रदान किया. आज सोमवार 31 अक्टूबर की सुबह उदीयमान सूर्य को दूसरा अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का चार दिनी अनुष्ठान संपन्न होगा.

सोमवार को व्रतधारी सुबह उदीयमान सूर्य को देंगे अर्घ्य

छठ पर्व के चार दिवसीय इस अनुष्ठान के अंतिम दिन सोमवार को व्रतधारी सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे और इसी के साथ छठ पूजा का समापन हो जाएगा. छठ के मौके पर बिहार, झारखंड, यूपी और दिल्ली के इलाके के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

सूर्य को अर्घ्य देने का समय-

छठ पर्व में उगते और अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है. ये है सूर्योदय और सूर्यास्त का समय.

  • पटना में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.57

  • रांची में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.53

  • जमशेदपुर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.49

  • बोकारो में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.50

  • धनबाद में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.49

  • गया में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.56

  • भागलपुर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.49

  • पूर्णिया में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.48

  • पश्चिमी चंपारण में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.01

  • मुजफ्फरपुर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.57

  • सारण में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.59

  • दरभंगा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.55

  • सुपौल में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.52

  • अररिया में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.48

  • रोहतास में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.01

  • मधुबनी में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.54

  • पूर्वी चंपारण में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.59

  • शेखपुरा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.53

  • गोपलगंज में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.01

  • जमुई में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.52

  • बक्सर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.01

  • शिवहर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.57

  • भोजपुर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.59

  • समस्तीपुर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.55

  • वैशाली सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.56

  • सीतामढ़ी में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.57

  • औरंगाबाद में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.59

  • बेगूसराय में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.53

  • खगड़िया में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.51

  • बांका में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.49

  • कटिहार में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.47

  • नवादा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.54

  • भभुआ में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.02

  • किशनगंज में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.46

  • सिवान में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 6.01

  • लखीसराय में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.53

  • जहानाबाद में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.57

  • अरवल में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.58

  • मधेपुरा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.51

  • सहरसा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.51

  • मुंगेर में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.51

  • नालंदा में सूर्योदय का समय

    सूर्योदय (31 अक्टूबर) 5.55

सूर्य देव की पूजा

आराधना का यह त्यौहार साल में दो बार मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल षष्ठी को और दूसरा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को जिसको मुख्य रूप से छठ पूजा के नाम से ही जाना जाता है. कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाए जाने वाली छठ को देश भर में ज्यादा जाना जाता है. छठ का यह त्योहार कुल 4 दिनों तक चलने वाला त्यौहार है. छठ पर्व को कई जगह पर डाला छठ, छठी मैया, छठ, छठ पूजा, सूर्य षष्ठी पूजा इत्यादि अलग-अलग नामों से जाना जाता है.

इस तरह दें अर्घ्‍य

1. छठ के अंतिम दिन सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान कर लें. 
2. इसके बाद उदित होते सूर्य के समक्ष जल में खड़े हो जाएं.
3.. खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल भर लें. 
4. उसी जल में मिश्री भी मिलाएं.
5. तांबे के लौटे में लाल फूल, कुमकुम, हल्दी आदि डालकर सूर्य को यह जल अर्पित करते हैं.
6. दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़ कर इस तरह जल चढ़ाएं कि सूर्य जल चढ़ाती धार से दिखाई दें.
7. फिर दीप और धूप से सूर्य की पूजा करें और आशीर्वाद मांगे. इस तरह दें अर्घ्‍य
1. छठ के अंतिम दिन सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान कर लें. 
2. इसके बाद उदित होते सूर्य के समक्ष जल में खड़े हो जाएं.
3.. खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल भर लें. 
4. उसी जल में मिश्री भी मिलाएं.
5. तांबे के लौटे में लाल फूल, कुमकुम, हल्दी आदि डालकर सूर्य को यह जल अर्पित करते हैं.
6. दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़ कर इस तरह जल चढ़ाएं कि सूर्य जल चढ़ाती धार से दिखाई दें.
7. फिर दीप और धूप से सूर्य की पूजा करें और आशीर्वाद मांगे. इस तरह दें अर्घ्‍य
1. छठ के अंतिम दिन सूर्योदय से पूर्व शुद्ध होकर स्नान कर लें. 
2. इसके बाद उदित होते सूर्य के समक्ष जल में खड़े हो जाएं.
3.. खड़े होकर तांबे के पात्र में पवित्र जल भर लें. 
4. उसी जल में मिश्री भी मिलाएं.
5. तांबे के लौटे में लाल फूल, कुमकुम, हल्दी आदि डालकर सूर्य को यह जल अर्पित करते हैं.
6. दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़ कर इस तरह जल चढ़ाएं कि सूर्य जल चढ़ाती धार से दिखाई दें.
7. फिर दीप और धूप से सूर्य की पूजा करें और आशीर्वाद मांगे. 

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