Gupt Navratri Puja: आज गुप्त नवरात्र का दूसरा दिन है, जो मां तारा देवी की पूजा को समर्पित है. गुप्त नवरात्रि के समय दस महाविद्याओं की विधि-विधान से साधना का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यता है कि इन दिव्य शक्ति स्वरूपों की उपासना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साधक पर देवी मां की विशेष कृपा बरसती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राशि अनुसार की गई पूजा-साधना अधिक फलदायी मानी जाती है.
राशि अनुसार करें देवी पूजन
- मेष राशि- मेष राशि के लोग शत्रुओं पर विजय और आत्मबल बढ़ाने के लिए गुप्त नवरात्रि में मां काली की पूजा करें.
- वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोग सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि के लिए मां त्रिपुरा सुंदरी की आराधना करें.
- मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोग व्यापार और करियर में उन्नति के लिए प्रतिदिन मां तारा की पूजा करें.
- कर्क राशि- कर्क राशि के लोग मानसिक तनाव और पारिवारिक अशांति से मुक्ति पाने के लिए मां भुवनेश्वरी की साधना करें.
- सिंह राशि- सिंह राशि के लोग शत्रु बाधा से मुक्ति और कार्यों में सफलता पाने के लिए मां बगलामुखी की पूजा करें.
- कन्या राशि- कन्या राशि के लोग बुद्धि, वाणी और विवेक में वृद्धि के लिए मां मातंगी की भक्ति-भाव से आराधना करें.
- तुला राशि- तुला राशि के लोग धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए मां कमला की पूजा करें.
- वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के लोग भय से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए मां काली की उपासना करें.
- धनु राशि- धनु राशि के लोग कुंडली में गुरु को मजबूत करने और विद्या लाभ के लिए मां बगलामुखी की पूजा करें.
- मकर राशि- मकर राशि के लोग जीवन के संकटों और बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए मां भैरवी की साधना करें.
- कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोग आदिशक्ति मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए मां धूमावती की आराधना करें.
- मीन राशि- मीन राशि के लोग आत्मबल बढ़ाने और मनचाहा वरदान पाने के लिए मां छिन्नमस्ता की पूजा करें.
जानें किस दिन किस महाविद्या की साधना करें
- पहले दिन- गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां काली की पूजा की जाती है.
- दूसरे दिन- गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन ज्ञान और मार्गदर्शन की देवी मां तारा की आराधना होती है.
- तीसरे दिन- गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन सौंदर्य और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री मां त्रिपुर सुंदरी की उपासना की जाती है.
- चौथे दिन- गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन सृष्टि की स्वामिनी मां भुवनेश्वरी की पूजा का विधान है.
- पांचवें दिन- गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन मां छिन्नमस्ता की साधना से साहस और आत्मबल की प्राप्ति होती है.
- छठे दिन- गुप्त नवरात्रि के छठे दिन मां भैरवी की आराधना से कष्टों का नाश माना जाता है.
- सातवें दिन- गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन मां धूमावती की पूजा से बाधाओं से मुक्ति मिलती है.
- आठवें दिन- आठवें दिन शत्रु बाधा नाश के लिए मां बगलामुखी की विशेष साधना की जाती है.
- नौवें दिन- गुप्त नवरात्रि के नौवें दिन और अंतिम दिन मां मातंगी और मां कमला की पूजा से विद्या, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है.
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