Festival 2026 Date: फरवरी 2026 आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ महीना है. 2 फरवरी 2026 दिन सोमवार को फाल्गुन मास का आरंभ होगा. फाल्गुन मास हिंदू महीना का आखिरी मास होता है. फरवरी में विजया एकादशी, कुंभ संक्रांति और महाशिवरात्रि जैसे महापर्वों के साथ सूर्य ग्रहण का होना ब्रह्मांडीय ऊर्जा के एक शक्तिशाली संगम को दर्शाता है. यह अद्भुत संयोग न केवल राशियों पर गहरा प्रभाव डालेगा, बल्कि विशेष दान-पुण्य और साधना के माध्यम से जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने का एक विशेष अवसर भी प्रदान करेगा. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: फरवरी में पड़ने वाले प्रमुख व्रत त्योहारों के बारे में सबकुछ
फरवरी में कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा. सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले लग जाता है. सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहते हैं और भोजन बनाने या खाने की मनाही होती है.
फरवरी में कब है महाशिवरात्रि का पर्व
महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में मनाई जाती है. इस वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 04 बजकर 23 मिनट शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 09 मिनट तक रहेगी. भगवान शिव की विशेष पूजा मध्यरात्रि (निशीथ काल) में की जाती है, जो 15 फरवरी की रात 12 बजे के बाद शुरू होगी.
फरवरी में कब है विजया एकादशी व्रत
विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को है. पटना के अनुसार इस तिथि की शुरुआत 12 अक्टूबर को दोपहर 11 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, 13 फरवरी को दोपहर 01 बजकर 30 मिनट पर एकादशी तिथि का समापन होगा. विजया एकादशी शत्रुओं पर विजय और अटके हुए कार्यों को सिद्ध करने के लिए की जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और सात धान के ऊपर कलश स्थापित करने का विधान है.
फरवरी में कब है कुंभ संक्रांति
कुंभ संक्रांति 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को हैं. इस दिन सूर्यदेव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे शास्त्रों में स्नान, दान-पुण्य और तर्पण के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. कुंभ संक्रांति के अवसर पर सूर्य की उपासना करने से आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इस दिन पूजा-पाठ और दान करना विशेष रूप से फलदायी सिद्ध होगा.
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
Mo- +91 8620920581
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