चंद्रग्रहण समाप्त, जानें अब कब लगेगा अगला ग्रहण

Chandra Grahan 2026: आज 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण लगा था, जिसमें चांद ब्लड मून बना दिखा. जानें अब साल का अगला ग्रहण कब लगेगा.

Grahan 2026: साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगा था. यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना थी, जिसे दुनिया भर में उत्साह के साथ देखा गया. इस लूनर एक्लिप्स का मैग्नीट्यूड 1.155 था, जिसके कारण यह पूर्ण चंद्र ग्रहण बना. ग्रहण अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसकी चर्चा अभी भी जारी है. हम यहां आपको ये भी बताने वाले हैं कि साल का अगला ग्रहण कब लगेगा.

कब से कब तक रहा ग्रहण

यह चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ था और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हुआ. इस दौरान चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता गया और पूर्ण अवस्था में पहुंचा. पूर्ण अवस्था में चांद पूरी तरह से लाल रंग का दिखाई दिया, जिसे आमतौर पर “ब्लड मून” कहा जाता है.

क्यों दिखा चांद लाल?

पूर्ण चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इसी दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ जाती हैं और लाल रंग की रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है. इसी वजह से चांद का रंग गहरा लाल नजर आता है. यह दृश्य काफी आकर्षक और अद्भुत था.

सूतक काल का प्रभाव

चंद्रग्रहण के साथ सूतक काल भी प्रभावी रहा था. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल ग्रहण शुरू होने से पहले ही लग जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद लोग स्नान और शुद्धिकरण के साथ अपने नियमित कार्यों में लौट आए.

साल 2026 के अन्य ग्रहण

साल 2026 में आने वाले दिनों में दो और ग्रहण होने वाले हैं.

29 जुलाई 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा. यह अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में यह नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा.

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28 अगस्त 2026 को दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. यह उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में नहीं दिखेगा. इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में प्रभावी नहीं माना जाएगा.

कुल मिलाकर साल 2026 में चार ग्रहण हैं, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का पूर्ण चंद्रग्रहण ही देखा गया. यह खगोलीय घटना विज्ञान और आस्था, दोनों ही दृष्टि से विशेष रही.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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