Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे. चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ एक कुशल अर्थशास्त्री भी थे. चाणक्य ने हर विषय पर गहनता से अध्ययन किया था. आचार्य चाणक्य अपने ज्ञान, विवेक और कूटनीति के कारण महान व्यक्ति बनें. उनके पास रंक को राजा बनाने की कला थी. आचार्य चाणक्य ने अपने अनुभव, ज्ञान और बौद्धिक कौशल से जीवन में सफलता प्राप्त करने की कई नीतियां बनाई थीं उन सभी नीतियों का संग्रह चाणक्य नीति शास्त्र में है. यही वजह है कि चाणक्य की चाणक्य नीति आज भी लोकप्रिय है. आइये जानते है चाणक्य नीति के कुछ अहम बातें…
चाणक्य नीति में बनाई गई नीतियां आज भी सभी के लिए बहुत उपयोगी और कारगर हैं. जो भी व्यक्ति चाणक्य नीति शास्त्र में बताई गई नीतियों को अपनाता है, उसे जीवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं और सफलता प्राप्त होती है. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र यह बताया है कि व्यक्ति को कामयाब बनना है तो हमेशा तीन प्रकार के लोगों से सावधान और सतर्क रहना होगा. ये तीन लोग ऐसे होते है जो किसी भी व्यक्ति को बर्बादी की रास्ते पर पहुंचा देते है.
– आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि शराबी व्यक्ति से हमेशा सावधान रहना चाहिए. जो व्यक्ति हमेशा शराब के नशे में डूबा रहता है उसके साथ कभी भी दोस्ती नहीं करना चाहिए. नशे में व्यक्ति होने से वह अपनी सारी मर्यादाएं भूल जाता है. उसके मन में जो आता है वह बोल देता है. इसलिए आचार्य चाणक्य ने कहा है कि नशा करने वाले व्यक्ति से हमेशा दूर ही रहना चाहिए.
महिलाओं के दुस्साहस से रहें सावधान
आचार्य चाणक्य के अनुसार पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दुस्साहस बहुत अधिक होता है. दुस्साहस के कारण महिलाएं कई बार ऐसे काम भी कर देती हैं, जो पुरुष सोच भी नहीं सकते. इस प्रकार की महिलाओं के कारण व्यक्ति बहुत बड़े संकट में पड़ सकता है.
कवि से हमेशा रहें सावधान
– आप भी कवि के बारे में एक प्रचलित कहावत जरूर सुनी होगी, जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि. इस कहावत का मतलब जहां सूर्य की रोशनी भी न पहुंच सके वहां पर कवि की सोच पहुंच जाती है. कवि अपनी कविता के माध्यम से कोई भी बड़ी से बड़ी बात आसानी से कह सकता है. इसलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि कवि से भूलकर भी दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहिए.
चाणक्य नीति के अनुसार ऐसे लोगों से भी कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए. जिन्हें वेदों का कोई ज्ञान न हो. क्योंकि चाणक्य का मानना है कि वेद जीवन जीने का सही तरीका बताते हैं. इसलिए सबको वेदों का ज्ञान होना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि जिन लोगों को वेदों का ज्ञान नहीं होता, उनके अन्दर अच्छाई नहीं होती.
News Posted by: Radheshyam Kushwaha
