चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें आदिशक्ति की पूजा, यहां पढ़ें मां शैलपुत्री की पूरी आरती

Maa Shailputri Ki Aarti: चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ कलश स्थापना के साथ होता है. इस दिन माता शैलपुत्री की विधि-पूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है. पूजा के अंत में आरती करने का विधान है. आरती के बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है. यहां पढ़ें माता शैलपुत्री की आरती के लिरिक्स.

Maa Shailputri Ki Aarti: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आदिशक्ति मां शैलपुत्री की आराधना को समर्पित होता है. मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है और इन्हें शक्ति का प्रथम स्वरूप कहा जाता है. इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ मां का पूजन करते हैं और जीवन में सुख, शांति और स्थिरता की कामना करते हैं. मान्यता है कि मां शैलपुत्री की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. पूजा के बाद आरती जरूर करनी चाहिए, क्योंकि आरती के बिना पूजा अधूरी रह जाती है.

मां शैलपुत्री को लगाएं इन चीजों का भोग:

  • मां शैलपुत्री को शुद्ध देसी घी का भोग लगाने से शरीर और मन को स्वास्थ्य लाभ मिलता है.
  • चैत्र नवरात्रि के पहले दिन गाय के दूध से बनी मिठाई और खीर का भोग अर्पित करें.
  • सफेद रंग के फल, जैसे केला या नारियल, चढ़ाने से घर में शांति और समृद्धि आती है.
  • मां को शुद्ध घी से बनी खीर का भोग लगाने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
  • पूजा के बाद घी का दान करने से जीवन में रोग और कष्ट कम होने की मान्यता है.

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Published by: Neha kumari

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