Apara Ekadashi 2026: पापों से मुक्ति और अपार पुण्य देने वाला व्रत

Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी का व्रत पापों से मुक्ति और अपार पुण्य देने वाला माना गया है. जानें 2026 में व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण समय और धार्मिक महत्व.

डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

Apara Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ माध्यम माना गया है. ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी का महत्व अत्यंत विशेष बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत मनुष्य को जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है.

जानें व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त

इस वर्ष अपरा एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई को दोपहर 2:53 बजे से होगी और इसका समापन 13 मई को दोपहर 1:30 बजे पर होगा. उदया तिथि के अनुसार 13 मई को व्रत रखना शुभ और शास्त्रसम्मत माना गया है.

वहीं, व्रत का पारण 14 मई को सुबह 5:31 बजे से 8:14 बजे के बीच किया जाएगा. धार्मिक मान्यता है कि अपरा एकादशी का श्रद्धापूर्वक व्रत करने वाला व्यक्ति अंत समय में भगवान विष्णु के धाम को प्राप्त करता है.

क्यों खास है अपरा एकादशी?

जीवन में व्यक्ति कई बार परिस्थितियों या अज्ञानता के कारण ऐसे कर्म कर बैठता है, जिन्हें शास्त्रों में पाप की श्रेणी में रखा गया है. झूठ बोलना, दूसरों की निंदा करना, धोखा देना, झूठी गवाही देना, धर्म ग्रंथों का अपमान करना, कमजोरों पर अत्याचार करना या बिना कारण किसी को दंड देना जैसे कर्म मनुष्य को गलत मार्ग की ओर ले जाते हैं.

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अपरा एकादशी का व्रत इन पापों का नाश करने वाला माना गया है. इसे पाप रूपी वृक्ष को काटने वाली कुल्हाड़ी की उपमा दी गई है. यही कारण है कि इसे “अपार फल देने वाली एकादशी” भी कहा जाता है.

व्रत से मिलता है महान पुण्य

मान्यता है कि इस व्रत का पुण्य कई बड़े धार्मिक कार्यों के बराबर होता है. कहा जाता है कि मकर संक्रांति पर प्रयाग स्नान, कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर स्नान, काशी में शिवरात्रि व्रत, कुंभ में केदारनाथ दर्शन और पितृपक्ष में गया जी में पिंडदान से जो पुण्य मिलता है, वही पुण्य अकेले अपरा एकादशी के व्रत से प्राप्त हो सकता है.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में डिजिटल कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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