Akshaya Tritiya 2026: इस वर्ष अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल दोपहर 1:01 बजे शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 10:40 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर 20 अप्रैल को ही यह पर्व मान्य होगा. इस दिन सौभाग्य योग, रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इसे अत्यंत पुण्यदायी बनाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, तप, स्नान और दान का फल कभी समाप्त नहीं होता.
शुभ मुहूर्त और कार्यों का महत्व
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के अनुसार 20 अप्रैल को सुबह 7:36 बजे के बाद से शुभ कार्य शुरू किए जा सकेंगे. इस दिन विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण, उपनयन, व्यापार आरंभ और अन्य मांगलिक कार्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके अलावा बीज रोपण, आभूषण धारण, सेवा कार्य शुरू करना और धार्मिक दीक्षा लेना भी शुभ रहेगा. हालांकि रात 9:27 बजे के बाद भद्रा का प्रवेश हो जाएगा, जिसके बाद सभी शुभ कार्यों से बचना चाहिए.
सोना-चांदी खरीदने की परंपरा
अक्षय तृतीया पर सोना और चांदी खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इसे समृद्धि और स्थायी धन का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार सोना देवी लक्ष्मी का स्वरूप है, इसलिए इस दिन इसकी खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन कुबेर को देवताओं का खजांची नियुक्त किया गया था और मां लक्ष्मी की पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है.
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रथयात्रा की तैयारियों की शुरुआत
इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां भी आरंभ होती हैं. लकड़ी पूजन के साथ रथ निर्माण का कार्य शुरू किया जाता है. मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठेगा.
