Aaj Ka Panchang 30 April 2026: आज 30 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार है. पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रात 08 बजकर 17 मिनट तक रहेगी, उपरांत पूर्णिमा तिथि आरम्भ हो जाएगी. आज सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कन्या राशि में रहेंगे, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल और शनि मीन राशि में स्थित हैं. राहु कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं तथा केतु सिंह राशि में विराजमान हैं. शुक्र वृषभ राशि में स्थित हैं और बुध व सूर्य मेष राशि में विराजमान हैं. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से आज के पंचांग में शुभ अशुभ मुहुर्त
आज 30 अप्रैल 2026 दिन गुरुवार
तिथि, वार व संवत
तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि रात 08 बजकर 17 मिनट तक रहेगी उपरांत पूर्णिमा तिथि हो जाएगी
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
सूर्योदय: 05:11 AM
सूर्यास्त: 06:14 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: ग्रीष्म
आज का नक्षत्र, योग व करण
नक्षत्र: चित्र रात 01 बजकर 34 मिनट तक, उसके बाद स्वाती
योग: वज्र रात 08 बजकर 36 मिनट तक, उसके बाद सिद्धि
करण: गर उसके बाद बव
आज की ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)
चंद्रमा: कन्या राशि मे दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक उपरांत तुला राशि
मंगल,शनि: मीन राशि
राहू: कुंभ राशि
गुरु: मिथुन
केतु: सिंह
शुक्र: वृषभ
बुध और सूर्य: मेष
आज दिन का चौघड़िया (पटना)
शुभ (उत्तम): 05:11 AM से 06:49 AM
रोग (अशुभ): 06:49 AM से 08:27 AM
उद्वेग (अशुभ): 08:27 AM से 10:05 AM
चर (सामान्य): 10:05 AM से 11:42 AM
लाभ (उन्नति): 11:42 AM से 01:20 PM
अमृत (सर्वोत्तम): 01:20 PM से 02:57 PM
काल (हानि): 02:57 PM से 04:36 PM
शुभ (उत्तम): 04:36 PM से 06:14 PM
आज का शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:34 AM से 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:42 AM से 04:27 AM
आज का अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 01:20 PM से 02:57 PM
यमगण्ड: सुबह 05:11 AM से 06:49 AM
भद्रा: सुबह 06:15 AM तक
दिशाशूल: दक्षिण दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर निकलें)
भद्रा आरम्भ: अप्रैल 30, 2026, बृहस्पतिवार को 09:12 पी एम बजे
भद्रा अन्त: मई 1, 2026, शुक्रवार को 10:00 ए एम बजे
आज का विशेष योग व उपाय
विशेष: आज नृसिंघ चतुर्दशी है.
सरल उपाय: नृसिंह चतुर्दशी (नरसिंह जयंती) पर भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नृसिंह (नरसिंह) की विशेष पूजा की जाती है.
ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिष एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ | 12 साल का अनुभव
