गुप्त नवरात्र : महानवमी आज, विजयादशमी कल

पटना : ग्रीष्म नवरात्र में ऋतु परिवर्तन पर देवी आराधना की परंपरा जारी है. आषाढ़ माह में होनेवाले गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी पूजा मंगलवार को संपन्न हुई. बुधवार को महानवमी की पूजा होगी और गुरुवार को विजयादशमी मनायी जायेगी. ऋतुओं के बदलने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं. इस मौसम में निरोग रहने को नियम […]

पटना : ग्रीष्म नवरात्र में ऋतु परिवर्तन पर देवी आराधना की परंपरा जारी है. आषाढ़ माह में होनेवाले गुप्त नवरात्र की महाअष्टमी पूजा मंगलवार को संपन्न हुई. बुधवार को महानवमी की पूजा होगी और गुरुवार को विजयादशमी मनायी जायेगी. ऋतुओं के बदलने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं. इस मौसम में निरोग रहने को नियम और संयम पूर्वक रह कर मां शक्ति की आराधना की जा रही है. आचार्य राजकुमार पांडेय के अनुसार गुरुवार को विजयादशमी अति शुभ फलदायी है.
कलश स्थापना के चार दिन पहले ही मंगल ग्रह वक्री से अपनी राशि वृश्चिक में मार्गी हुआ था. वहीं, गुरुवार को दशमी तिथि होने से सिद्धि योग बन रहा है. गुप्त नवरात्र में दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति के लिए दस महाविद्याओं की साधना की जाती है. इस दौरान तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना और महाकाल की पूजा की जा सकती है.
शनि, राहु व केतु से पीड़ितों को मिलेगा लाभ: आचार्य अमित माधव के अनुसार विजयादशमी पर मां की आराधना, हवन आदि करने से शनि, राहू व केतु से पीड़ित व्यक्तियों को लाभ मिलता है. ये तीनों ग्रह तंत्र कारक माने जाते हैं. इसलिए इन ग्रहों से छुटकारा पाने के लिए तंत्र साधना की जाती है. गुप्त नवरात्र में मां काली, तारा, भुवनेश्वरी, त्रिपुरसुंदरी, छिनमस्तिका, त्रिपुर भैरवी, धूमावति, बगलामुखी, मातंगी, मां कमला देवी की पूजा खास तौर पर होती है.

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