जानें! राम भक्त हनुमान को प्रसन्न करने के सरल उपाय

हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता है जिनमा वास अभी भी पृथ्‍वी पर ही है. बल, बुद्धि, विद्या और धन प्राप्त करने के लिए भगवान हनुमान की श्रद्दाभाव से पूजा करनी चाहिए. श्रीराम का पूजन करने से हनुमान अपनी पूजा से कहीं अधिक प्रसन्न होते हैं. जो भी साधक श्रीरामचरितमानस का पाठ करता है उसपर […]

हनुमान जी एक मात्र ऐसे देवता है जिनमा वास अभी भी पृथ्‍वी पर ही है. बल, बुद्धि, विद्या और धन प्राप्त करने के लिए भगवान हनुमान की श्रद्दाभाव से पूजा करनी चाहिए. श्रीराम का पूजन करने से हनुमान अपनी पूजा से कहीं अधिक प्रसन्न होते हैं. जो भी साधक श्रीरामचरितमानस का पाठ करता है उसपर हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है. हनुमान जी की कृपा पाने के लिए श्रीराम स्तुति का गायन प्रतिदिन करना चाहिए. इसके साथ ही मंगलवार और शनिवार को रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं. सर्वविदित है कि राम की पूजा से हनुमान जी अपनी कृपा बरसाते हैं

यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनम्

तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जलिं|

अगर आप हनुमानजी के भक्त हैं तो आपके लिए मंगलवार और शनिवार बहुत खास दिन हैं. कुछ आसान उपायों से हनुमान जी को सहजता से प्रसन्न किया जा सकता है, आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में –

प्रतिदिन सुबह-सुबह पीपल के कुछ पत्ते तोड़ लें और उन पत्तों चंदन या कुमकुम से श्रीराम नाम लिखें. इसके बाद इन पत्तों की एक माला बनाएं और हनुमानजी की प्रतिमा या तस्वीर पर अर्पित करें.

किसी पीपल पेड़ की जड़ में जल डालें और उस पेड़ की सात परिक्रमा करें. इसके बाद पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें.

कड़ी परिश्रम के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है तो एक नींबू और 4 लौंग लेकर किसी भी हनुमान मंदिर में जाएं. हनुमानजी के सामने नींबू के उपर चारों लौंग खोंस दें और हनुमान चालीसा का पाठ करें साथ हनुमान मंत्रों का भी जाप करें. फिर नींबू को अपने पास रखकर कार्य करें.

कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए किसी सिद्ध हनुमान मंदिर में एक नारियल लेकर जाएं. मंदिर में हनुमानजी की प्रतिमा के सामने नारियल को अपने सिर पर सात बार रखें. इस बीच हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें. फिश्र उस नारियल को हनुमान जी के सामने ही फोड़ दें, सभी बाधाएं दूर होंगी.

रात में किसी हनुमान मंदिर जाएं और वहां प्रतिमा के सामने चौमुखा दीपक लगाएं. चौमुखा दीपक को चार ओर से जलाना है. उीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. ऐसा प्रतिदिन करने से बड़ी से बड़ी समस्या से निजात मिल जायेगी और आप धनवान हो जायेंगे.

शनिवार के दिन बह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और एक निंअबू लेकर किसी चौराहे पर जाएं. वहां नींबू के दो बराबर टुकड़ें करें और एक टुकड़े को अपने से आगे की ओर फेंकें और दूसरे टुकड़े को पीछे की ओर फेंक दें. ऐसा करते समय मुख दक्षिण की ओर होना चाहिए. ऐसा करने के बाद चुपचाप घर आ जाएं.

सिंदूर चढ़ाने से हनुमान जी काफी प्रसन्न होते हैं. हनुमानजी को सिंदूर और तेल अर्पित करें. श्रीराम प्रभु की लंबी आयु के लिए एक बार हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लपेट लिया था, तभी से हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाया जाता है. सिंदूर अर्पित करने वाले की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं.

हर प्रकार की बाधा दूर करने के लिए प्रतिदिन इस मंत्र का करें जाप

आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर ।

त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात ।।

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