बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रबंधन बोर्ड की बैठक में निर्णय
देवघर : शनिवार को सर्किट हाउस के कांफ्रेंस हॉल में बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रबंधन बोर्ड की बैठक हुई. बैठक में मूलत: श्रवणी मेले के दौरान भक्तों की सुविधा पर विचार-विमर्श किया गया. बैठक के बाद बोर्ड के अध्यक्ष टीपी सिन्हा ने प्रेस को जानकारी दी कि इस बार श्रवणी मेले के दौरान भक्त सोना-चांदी मढ़े बाबा पर जलार्पण करेंगे.
अरघा को चांदी और शिवलिंग को सोना का आवरण चढाया जायेगा. पिछली बार की तरह इस बार अरघा सिस्टम के जरिए जलार्पण की व्यवस्था रहेगी. इस बार नि:शक्त, असहाय, वृद्ध और जो लोग समय पर भीड़ में न जाकर जलार्पण करना चाहते हैं उनके लिए मंदिर प्रांगण में विशेष अरघा की व्यवस्था की जा रही है, जिसके जरिए उनका जल सीधे पाइप लाइन से बाबा पर गिरेगा और वे अपना जल गिरता हुआ लाइव दर्शन सीसीटीवी के माध्यम से टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे.
डाक बम की सुविधा यथावत : बोर्ड ने इस बार भी निर्णय लिया है कि हर वर्ष जिस तरह डाक बम को सुविधा दी जाती है, उसी अनुरूप सुविधा इस बार भी दी जायेगी. रविवार और सोमवार को उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलेगी. अन्य दिनों में उन्हें जलार्पण की सुविधा दी जायेगी. डाक बम पास जो उन्हें दिया जाता है, उसको वेरीफाइ पूर्व की तरह ही किया जायेगा.
शीघ्र दर्शन की राशि बढ़ाने पर विचार
श्री सिन्हा ने कहा कि बोर्ड की बैठक में शीघ्र दर्शनम की राशि 500 से बढ़ाकर एक हजार करने का निर्णय लिया गया है लेकिन अंतिम निर्णय 21 जुलाई को पंडा धर्मरक्षिणी के साथ बैठक करके होगा. यह अभी प्रस्तावित है.
बाबा मंदिर की नीर नहीं होगा बेकार
बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि बाबा मंदिर पर जो जल चढ़ता है, वह नीर यूं ही बह जाता है. इसलिए बोर्ड ऐसी व्यवस्था कर रहा है कि उक्त नीर को प्रीजर्व करके उसे प्यूरीफाइ करने के बाद शिवगंगा में प्रवाहित किया जायेगा. इससे नीर की पवित्रता बनी रहेगी. इस पर काम चल रहा है.
पार्वती मंदिर में रेलिंग का होगा निर्माण
श्री सिन्हा ने कहा कि पार्वती मंदिर में भी काफी भीड़ होती है. लेकिन उसकी सीढ़ियां काफी ऊंची है.इस कारण वृद्ध, असहाय लोगों को जलार्पण में दिक्कत होती है. इसलिए बोर्ड पार्वती मंदिरकी सीढ़ियों पर रेलिंग का निर्माण करवायेगा. बैठक में सांसद निशिकांत दुबे, विधायक नारायण दास, सदस्य कृष्णानंद झा, दिलीप जैरथ, ताराचंद जैन, प्रबंधन बोर्ड सचिव सह डीसी अमीत कुमार, एसपी पी मुरुगन, मंदिर प्रभारी बिंदेश्वरी झा, सीइओ नगर निगम एलोइस लकड़ा, मंदिर प्रबंधक रमेश परिहस्त सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
