18 मार्च से चैत्र नवरात्र, 25 मार्च को रामनवमी, ब्रह्मपुराण के अनुसार इसी दिन शुरू हुआ था सृष्टि निर्माण

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन 18 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रमी संवत् 2075 शुरू हो जायेगा. पहले दिन से ही चैत नवरात्र भी शुरू हो रहा है. ब्रह्मपुराण के अनुसार पितामह ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि निर्माण प्रारंभ किया था, इसलिए यह सृष्टि का प्रथम दिन है. शास्त्रानुसार इसी दिन से ग्रहों, वारों, मासों […]

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन 18 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रमी संवत् 2075 शुरू हो जायेगा. पहले दिन से ही चैत नवरात्र भी शुरू हो रहा है. ब्रह्मपुराण के अनुसार पितामह ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि निर्माण प्रारंभ किया था, इसलिए यह सृष्टि का प्रथम दिन है.
शास्त्रानुसार इसी दिन से ग्रहों, वारों, मासों और संवत्सरों का प्रारंभ गणितीय व खगोल शास्त्रीय संगणना के अनुसार माना जाता है. प्रतिपदा का सामाजिक व ऐतिहासिक संदर्भ भी है. इसी तिथि को रेवती नक्षत्र में विष्कुंभ योग में दिन के समय भगवान के आदि अवतार मत्स्य रूप का प्रादुर्भाव भी माना जाता है.
21 मार्च से शुरू होगी चार दिवसीय चैती छठ : 18 से 25 मार्च तक रोज पर्व का संयोग बना है. 18 को चैत नवरात्र के पहले दिन से ही मां दुर्गा की उपासना शुरू हो जायेगी.
नवरात्र के साथ 21 मार्च को चैती छठ का नहाय-खाय व्रत होगा. इसके साथ ही 36 घंटे का सूर्योपासना का व्रत शुरू हो जायेगा. 22 मार्च को खरना व 23 को डूबते सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. 24 मार्च को उगते सूर्य के अर्घ के साथ व्रत का पारण होगा. 25 मार्च को रामनवमी का पर्व मनाया जायेगा. इस दिन शहर के विभिन्न मंदिरों में पूजा होगी व रामनवमी की शोभा-यात्रा भी निकाली जायेगी.
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
शुरू होगा हिंदू नववर्ष विक्रमी संवत 2075
ब्रह्मपुराण के अनुसार इसी दिन शुरू हुआ था सृष्टि निर्माण

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