रहीम दास बोले- अंजन दियो तो किरकिरी

अंजन दियो तो किरकिरी, सुरमा दियो न जाय !!जिन आंखिन सों हरि लख्‍यो, रहिमन बलि-बलि जाय !! अर्थात रहीम कहते हैं, काजल और सुरमा सब व्यर्थ हैं. मैंने तो जब से इन आंखों से ईश्‍वर के दर्शन किये हैं, इन आंखों में ईश्‍वर को बसाकर धन्य हो गया हूं. अर्थात् सौंदर्य-प्रसाधन छोड़कर ईश्‍वर को नयनों […]

अंजन दियो तो किरकिरी, सुरमा दियो न जाय !!
जिन आंखिन सों हरि लख्‍यो, रहिमन बलि-बलि जाय !!

अर्थात

रहीम कहते हैं, काजल और सुरमा सब व्यर्थ हैं. मैंने तो जब से इन आंखों से ईश्‍वर के दर्शन किये हैं, इन आंखों में ईश्‍वर को बसाकर धन्य हो गया हूं. अर्थात् सौंदर्य-प्रसाधन छोड़कर ईश्‍वर को नयनों में बसाइए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >