ट्रैफिक पुलिस का बेतुका फैसला

हाल के महीनों में रांची शहर में हर कोई ट्रैफिक पुलिस से परेशान है़. परेशानी यह है कि हर एक किलोमीटर में वाहन चेकिंग के नाम पर परिवहन विभाग वसूली कर तिजोरी भर रहा है. कई वाहन चालक तो प्रतिदिन पुलिस को कागजात दिखा रहे हैं. हमारे किसी भी जनप्रतिनिधि को इसकी सुध नहीं है. […]

हाल के महीनों में रांची शहर में हर कोई ट्रैफिक पुलिस से परेशान है़. परेशानी यह है कि हर एक किलोमीटर में वाहन चेकिंग के नाम पर परिवहन विभाग वसूली कर तिजोरी भर रहा है. कई वाहन चालक तो प्रतिदिन पुलिस को कागजात दिखा रहे हैं. हमारे किसी भी जनप्रतिनिधि को इसकी सुध नहीं है.
अभी एक नया फरमान ट्रैफिक एसपी के द्वारा होने वाला है कि अपने नाम का वाहन है तब ही वाहन चलायें, अगर वाहन पिता, माता, भाई, बहन या अन्य रिस्तेदार या फिर दोस्त का हो, तो ना चलायें, वरना जुर्माना वसूला जायेगा. यह बेशक यातायात नियमों के कानूनों शामिल हो, पर वास्तविकता में लागू नहीं हो सकता है, क्योंकि अगर किसी घर में चार पुरुष सदस्य हों या चार महिलाएं हो, तो सभी के लिए वाहन नहीं खरीदा जा सकता है. इसलिए परिवहन मंत्री से अनुरोध है कि इस कानून को लागू करने से पहले होने वाली समस्या पर गौर करें.
राजन राज,रांची

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