कुछ दूरसंचार कंपनियां, अपनी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने के बजाय, गलत तरीके से लाभार्जन को महत्व दे रही हैं. इसलिए, वे नेट-निरपेक्षता का विरोध कर रही हैं. कॉल रेट और नेट पैक की कीमतें बढ़ती जा रही हैं. सिम प्रदाता कंपनियां जो भी कीमतें तय करती हैं, हमें मानना पड़ता है.
टेलीकॉम ऑपरेटरों को सभी को इंटरनेट की समान सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए. किसी सामग्री, एप्स या वेबसाइट के लिए अतिरिक्त कीमतों की बात गले नहीं उतर रही.
स्पीड को लेकर भी कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. ट्राई के हस्तक्षेप के बाद, नेट न्यूट्रीलिटी का विरोध करने वालों को गहरा झटका जरूर लगा है, लेकिन लगता नहीं कि वे हार मानेंगे. अगर कंपनियों को छूट मिली, तो आम व्यक्ति के लिए मोबाइल फोन रखना भी दूभर हो जायेगा. फिलहाल, ट्राई सही ट्रैक पर है. ट्राई को अपने स्टैंड पर कायम रहना चाहिए.
– सुधीर कुमार, राजाभीठा,गोड्डा
