रांची के सफायर स्कूल का विनय महतो हत्याकांड मामला लगभग पूरी तरह से उजागर हो गया है़ और जिस बेरहमी से शिक्षिका और उसके लड़के ने विनय की हत्या की, वह शर्मनाक है़ जिस तरह से आज के दौर में मानवीय मूल्यों का पतन हुआ है, वह चिंताजनक है़
इस घटना के लिए जितना दोषी जिम्मेदार है, उतना ही हमारा बॉलीवुड भी़ जहां दृश्यम जैसी फिल्म के जरिये जुर्म करके पुलिस और कानून की आंख में धूल झोंकना सिखाया गया है़ और सबसे अहम बात यह है कि इस तरह की घटनाएं निजी संस्थानों में आम बात है क्योंकि वहां भेजकर आप बच्चे को डॉक्टर-इंजीनियर तो बना सकते हो, लेकिन एक सभ्य और जिम्मेदार नागरिक नहीं.शिक्स्लोंक्षण संस्थों को अपनी व्यवस्था सुधारने की जरूरत है क्योंकि वे भविष्य के नागरिक गढ़ते हैं.
– रामबाबू काका, ई-मेल से
