कठोर दंड व्यवस्था की जरूरत

कुछ ही दिन पहले जमशेदपुर में दुष्कर्म की घटना हुई. पीिड़त नाबालिग लड़की का इलाज अस्पताल में चल रहा था. इसी दौरान अस्पताल के सिक्यूरिटी गार्ड ने उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना से चंद घंटे पहले प्रांत के मुख्यमंत्री अस्पताल के दौरे पर गये थे, पर कहीं कोई भय नहीं. ऐसी घटनाएं खबरें बनती रहीं […]

कुछ ही दिन पहले जमशेदपुर में दुष्कर्म की घटना हुई. पीिड़त नाबालिग लड़की का इलाज अस्पताल में चल रहा था. इसी दौरान अस्पताल के सिक्यूरिटी गार्ड ने उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना से चंद घंटे पहले प्रांत के मुख्यमंत्री अस्पताल के दौरे पर गये थे, पर कहीं कोई भय नहीं.
ऐसी घटनाएं खबरें बनती रहीं हैं. लेकिन, इसका समाधान क्या है. विपक्ष व कुछ संगठनों की भाषणबाजी व राजनीति या फिर कैंडिल जुलूस? क्या इन सबसे इसका समाधान हो सकता है? ऐसे दरिंदे भली-भांति जानते हैं कि कैसे वे कानून व्यवस्था की आंखों में धूल झोंक कर वर्षों चैन से रह सकते हैं.
यही नहीं, ऐसे लोग किसी कारावास और दंड से भी नहीं डरते. ऐसे लोगों को सुधारने के लिए कुछ ऐसी व्यवस्था करनी होगी, ताकि ऐसे लोगों के मन में भय हो. कठोरतम कार्रवाई या फिर कुछ ऐसा जिसके कल्पना से ही कांप जायें दुष्ट. तभी सही में इसका समाधान होगा.
-अमित कुमार अंबष्ट, कोलकाता

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