आज के दौर में हम सभी िशक्षा का महत्व जानते हैं. लेकिन, यह शिक्षा राजनीति में भी लागू करने की जरूरत है. आज एक शिक्षक बनने के लिए स्नातक और बीएड जरूरी है, लेकिन शिक्षा मंत्री बनने के लिए कुछ भी नहीं. जबकि, पूरे राज्य की शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री के ऊपर ही होती है. इसी तरह वकालत करने के िलए एलएलबी की योग्यता होनी चाहिए, जबकि कानून मंत्री के लिए कुछ भी नहीं. यही हाल सभी क्षेत्रों में है.
मेरा मानना है कि सरकार को राजनीित में भी शिक्षा और उम्र सीमा निर्धारित करनी चाहिए, जिससे हालत में सुधार हो. आम लोगों और राजनेताओं में ये दोहरे बरताव खत्म होने चाहिए, क्योंकि जब नींव ही कमजोर होगी, तो मकान मजबूत कैसे होगा.
-अभिनंदन गुरु, रामगढ़ कैंट
