प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश के विकास को गति देना चाहती है. इसीलिए पिछले रेल बजट में बुलेट ट्रेन, तेज रफ्तार की अन्य गाड़ियां और प्रीमियम एसी रेलगाड़ी चलाने की घोषणा हुई थी. हमारे देश में भी विश्वस्तरीय गाड़ियां चलें, यह हर कोई चाहता है. पर सवाल यह है कि देश में मौजूदा रेल नेटवर्क की जो बदहाली है, उसमें सुधार कब होगा.
ट्रेनों में यात्रियों के आरामदेह सफर के लिए साफ-सफाई, सुरक्षा, डब्बों में पानी की उपलब्धता, समय पर परिचालन जैसी व्यवस्थाओं को पूर्ववर्ती सरकारों ने भी सुधारने की घोषणा की, पर स्थिति जस की तस है. अब देखना है इस सरकार की घोषणाओं में कितना दम है. इस देश में विकास का ऐसा मॉडल चल रहा है, जिसमें विषमता बढ़ती जा रही है. सबसे बड़ी जरूरत वर्तमान सुधार कर भविष्य बेहतर बनाने की है.
-सुधाकर बनर्जी, निरसा
