पुनर्वास या वनवास योजना ?

सरकार द्वारा समाज के मुख्य धारा से भटकनेवालों के लिए विभिन्न तरह की पुनर्वास योजनाएं चलायी जाती हैं, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से जोड़ा जा सके. इसके लिए उन्हें पैसे, नौकरी, घर से लेकर हर सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि उन्हें जीवन जीने में कोई असुविधा न हो. पर सरकार को शायद […]

सरकार द्वारा समाज के मुख्य धारा से भटकनेवालों के लिए विभिन्न तरह की पुनर्वास योजनाएं चलायी जाती हैं, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से जोड़ा जा सके. इसके लिए उन्हें पैसे, नौकरी, घर से लेकर हर सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि उन्हें जीवन जीने में कोई असुविधा न हो.
पर सरकार को शायद यह नहीं मालूम कि आखिर वे समाज की मुख्यधारा से भटके क्यों थे? कारण बेरोजगार, भ्रष्टाचार, गरीबी, जिससे तंग आकर वे ऐसे कदम उठाते है. वर्तमान में भी वही हाल है. सरकार रोजगार तो दे नहीं पा रही है और ऐसे योजनाओं से उन बेरोजगार युवाओंे के अंदर भी एक बात आ रही है कि क्या समाज में मुख्यधारा से भटकने के बाद ही सरकार हमें लौटने के लिए मुआवजा या नौकरी देगी?
वे असमजंस में होते हैं और ऐसे कदम उठाने को मजबूर होते हैं. सरकार को चाहिए कि बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के कदम उठाये, ताकि वे वनवास जाने के बारे में न सोचे.
– सुमंत चौधरी, जमशेदपुर

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