आज आये दिन कोई न कोई अभिनेता देश में असहिष्णुता के ऊपर कुछ भी बोल कर लोकप्रियता बढ़ाना चाहता है. चाहे वह हमारे शाहरुख खान हो या फिर आमिर खान. इस तरह की बातों से हमारे देश के सम्मान को नुकसान तो पहुंचता ही है, साथ ही देश के बाहर भी हमारे देश की छवि खराब होती है.
ऐसा संभव है कि किसी देश में कुछ ऐसी चीजें हो सकती हैं, जो किसी को पसंद हो भी सकती है और नहीं भी. लेकिन, इसका मतलब यह तो नहीं कि इन सब बातों को हवा दी जाये. एक परिवार में भी ऐसा होता है कि आपस में कुछ मतभेद हों. लेकिन, समझदार उसी को कहते हैं, जो सबके साथ मिल कर चले.
यहां हमें ध्यान देने योग्य बात है कि इस इंडस्ट्री में उन लोगों की संख्या अब भी अधिक है, जिनके लिए देश आगे है. यह बात दिल को सुकून पहुंचानेवाली है.
– राकेश कुमार ओझा, ई-मेल से
