सूबे के लिए शुभ हो राष्ट्रपति की यात्रा

राष्ट्रपति महोदय के आगमन से कुछ तो झारखंड को लाभ हुआ. कहीं पथ-निर्माण में तेजी आयी, तो कहीं पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर अभ्यास किया. लेकिन, राष्ट्रपति की इच्छा है कि भारत के विश्वविद्यालय, विश्व के 200 विद्यालयों में आ जायें. झारखंड सरकार को इसके लिए ‘योग्य पद के लिए योग्य व्यक्ति का चुनाव’ करना […]

राष्ट्रपति महोदय के आगमन से कुछ तो झारखंड को लाभ हुआ. कहीं पथ-निर्माण में तेजी आयी, तो कहीं पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर अभ्यास किया. लेकिन, राष्ट्रपति की इच्छा है कि भारत के विश्वविद्यालय, विश्व के 200 विद्यालयों में आ जायें.
झारखंड सरकार को इसके लिए ‘योग्य पद के लिए योग्य व्यक्ति का चुनाव’ करना होगा. क्योंकि, रांची विवि की जो स्थिति मेरे छात्र जीवन के समय थी, वही अब भी है, जब मैं रांची विवि के एक कॉलेज में प्रोफेसर बना. रांची विवि हर क्षेत्र में पीछे है.
चाहे इसके अंतर्गत कॉलेजों के आधारभूत संरचना की बात हो या पढ़ाई-लिखाई की, नियुक्ति में योग्यता की बात हो या समय पर परीक्षा लेने की, प्रध्यापकों की प्रोन्नति की बात हो या अनुशासन की. हर ओर निराशा ही है. ऐसे में राष्ट्रपति महोदय के द्वारा झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का ऑनलाइन शिलान्यास राज्य के लिए शुभ हो सकता है. सरकार को चाहिए कि राज्य हित में सुयोग्य कुलपति चुने.
– डॉ़ भुवन मोहन, रांची

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