सीबीआइ की विश्वसनीयता पर सवाल

सीबीआइ देश की सर्वोच्च संवैधानिक और विश्वसनीय जांच एजेंसी है. यह किसी गंभीर और बड़े मामले की जांच के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. इसकी खासियत विषम परिस्थितियों में भी गुनाहगारों को कानून के शिकंजे में लाना है. इसलिए लोग इस जांच एजेंसी से किसी भी मामले का अनुसंधान कराना चाहते हैं. यह विडंबना […]

सीबीआइ देश की सर्वोच्च संवैधानिक और विश्वसनीय जांच एजेंसी है. यह किसी गंभीर और बड़े मामले की जांच के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. इसकी खासियत विषम परिस्थितियों में भी गुनाहगारों को कानून के शिकंजे में लाना है. इसलिए लोग इस जांच एजेंसी से किसी भी मामले का अनुसंधान कराना चाहते हैं.
यह विडंबना ही है कि इधर बीते कुछ सालों से इसकी कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठने लगे हैं. इससे यह प्रतीत होता है कि सीबीआइ भी किसी शक्ति या सत्ता के दबाव में आकर काम करती है.
अहम और चौंकानेवाला सवाल तब खड़ा होता है, जब इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करनेवालों में सत्ता और प्रतिपक्ष दोनों के लोग शामिल होते हैं. यहां तक कि देश के नौकरशाह भी इस पर अंगुली उठाने से नहीं चूकते. इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है. जरूरत यह है कि यह संस्था अपना खोया विश्वास फिर से वापस लौटाने की कोिशश करे.
– बैजनाथ महतो, हुरलुंग, बोकारो

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