नशामुक्त समाज आज चुनौती

आज हमारे समाज में नशा चरम पर पहुंच चुका है. बड़े तो बड़े, बच्चे भी इसके आदी होते जा रहे हैं. लोग इसकी हानियों को जानते हुए भी इसका सेवन करते हैं. ऐसा लग रहा है, मानो चारों ओर नशीले पदार्थों का चादर-सा फैलता जा रहा है, क्योंकि आज हम अपने चारों ओर लोगों को […]

आज हमारे समाज में नशा चरम पर पहुंच चुका है. बड़े तो बड़े, बच्चे भी इसके आदी होते जा रहे हैं. लोग इसकी हानियों को जानते हुए भी इसका सेवन करते हैं. ऐसा लग रहा है, मानो चारों ओर नशीले पदार्थों का चादर-सा फैलता जा रहा है, क्योंकि आज हम अपने चारों ओर लोगों को नशापान करते पाते हैं, जो हमारे समाज के लिए एक भयावह स्थिति है.
सफाइकर्मियों द्वारा जब कभी भी कचरों की सफाई की जाती है, तो उसमें नशीले पदार्थों के रैपर ही मिलते हैं. समाज में मौजूद कुछ भ्रष्ट लोगों के कारण ही ऐसी समस्याओं को बढ़ रही हैं, क्योंकि पाबंदी होने के बावजूद ये लोग छुप कर नशीले पदार्थों का व्यवसाय करते हैं.
अतः सरकार को ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. तभी हमारा समाज एक नशामुक्त समाज बन पायेगा, अन्यथा नशामुक्त समाज का एक सपना चुनौती ही बन कर रह जायेगा.
-शुभम श्रीवास्तव, फुलारीटांड़ बस्ती, धनबाद

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