केंद्र में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने को हैं. प्रधानमंत्री मोदी की घोषणाओं में कुछ तो पूरे होते दिख रहे हैं, पर ढंग से नहीं. खास कर, स्वच्छ भारत अभियान को ही लें, तो यह नाममात्र का है. आज भी हर तरफ गंदगी फैली हुई दिखती है. मच्छरों का प्रकोप, सड़कों पर नालियों का पानी व बीमारियाें के फैलने की आशंका आज भी है.
कूड़ा-कचरा आज भी सड़क पर फेंका जाता है. हमारे नेता झाड़ू लेकर स्वच्छ भारत अभियान को गति देने में जुटे हैं, जो दिखावा ही हैं. अगर भारत को स्वच्छ बनाना है, तो पंचायत को पूर्ण अधिकार के साथ फंड भी मिलने चाहिए, ताकि वे अपने क्षेत्र की सफाई कर सकें.
गांवों के शौचालयों में मवेशी बांधे जा रहे हैं. वे शौच जाने योग्य ही नहीं है. क्योंकि, निर्माण में बिचौलियों के हावी हाेने से स्तरहीन बने हैं. अतः सरकार को चाहिए कि सीधे लाभुक के खाते में पैसे भेजें, ताकि बेहतर शौचालय का निर्माण किया जा सके. इससे भ्रष्टाचार भी दूर होगा और स्वच्छ भारत का सपना भी पूरा हो.
– परितोष सेन, नोनीहाट
