बदल गये केजरीवाल के उसूल!

भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को लोगों ने बड़ी उम्मीदों के साथ दिल्ली की सत्ता सौंपी थी. उम्मीद थी कि वह भ्रष्टाचार मिटायेंगे. लोगों का जीवन आसान बनायेंगे. लेकिन, वह कांग्रेस और भाजपा का जिन बुराइयों की आलोचना करते थे, उन्हीं बुराइयों में घिर गये हैं. अपने […]

भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को लोगों ने बड़ी उम्मीदों के साथ दिल्ली की सत्ता सौंपी थी. उम्मीद थी कि वह भ्रष्टाचार मिटायेंगे. लोगों का जीवन आसान बनायेंगे. लेकिन, वह कांग्रेस और भाजपा का जिन बुराइयों की आलोचना करते थे, उन्हीं बुराइयों में घिर गये हैं. अपने लोगों को बचाना उनकी प्राथमिकता बन गयी है.
भले वह भ्रष्टाचार में डूबा हो. मान लें, दिल्ली सचिवालय में सीबीआइ छापा गलत भी था, तो उन्हें कार्रवाई रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए था. पर, आनन-फानन में उन्होंने इसे सीएमओ पर छापा बता दिया. पीएम को अपमानित करने लगे.
इससे पहले उन्होंने उन लोगों को पार्टी से भगाया, जिनकी सरकार बनाने में अहम भूमिका थी. प्रचार पर खर्च के रिकॉर्ड बना दिये. चहेते को लोकपाल बनाया. विधायकों, मंत्रियों के वेतन भत्ते में 400 फीसदी की वृद्धि कर दी. सबको याद होगा कि वे कहते थे कि उनका विधायक या मंत्री वेतन, सुविधा नहीं लेगा.
– वेद मामूरपुर , नरेला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >