हर बात पर अपनी रोटी ने सेंके

आज हर घटना पर राजनीति की रोटी सेंकी जाती है. विकास कार्य न हो, तो समस्या. विकास की शुरुआत हो, तो समस्या. सब विरोध का कोई न कोई बहाना ढूंढ़ ही लेते हैं. दिल्ली की शकूरबस्ती से रेल लाइन के किनारे अवैध रूप से बसी झुग्गियों को हटाया गया. नगर निगम से पहले ही इसकी […]

आज हर घटना पर राजनीति की रोटी सेंकी जाती है. विकास कार्य न हो, तो समस्या. विकास की शुरुआत हो, तो समस्या. सब विरोध का कोई न कोई बहाना ढूंढ़ ही लेते हैं. दिल्ली की शकूरबस्ती से रेल लाइन के किनारे अवैध रूप से बसी झुग्गियों को हटाया गया. नगर निगम से पहले ही इसकी मंजूरी ली गयी थी. अतिक्रमण हटाने के दौरान एक बच्चे की मौत हो गयी.
बस सबको मिल गया मौका राजनीति चमकाने का. दोष केंद्र पर मढ़ दिया. कायदे से झुग्गियों को वर्षों पहले हटा कर लोगों को वैकल्पिक जगह बसा देना था. लेकिन, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. रेल मंत्रालय ने अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जगह को खाली कराया, तो कल तक दिल्ली में शासन करनेवाले आज सरकार की टांग खींच रहे हैं. क्या यह राजनीति खुद में एक समस्या नहीं है.-मनसा राम महतो, असुरा, सरायकेला

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