हरियाणा पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला बहुत ही सराहनीय है. आनेवाले वक्त में कोर्ट का यह कदम परिवर्तन की राह दिखायेगा. पंचायत चुनाव पर उठाये गये शिक्षा का सवाल देश के लिए हितकारी साबित होगा.
देश की शीर्ष अदालत के इस फैसले को हर क्षेत्र व हर चुनाव में अविलंब लागू कर देना चाहिए. दलितों व महिलाओं की शिक्षा के स्तर को भले ही पांचवीं से 10वीं तक ही सीमित किया गया है, लेकिन यह कदम अनपढ़ व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपने से बेहतर है.
शिक्षा के साथ-साथ केस में दोषी करार न होना, बिजली बिल व घर में शौचालय का होना अनिवार्य करने जैसी शर्तों को चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य शर्त बनाने का सुप्रीम कोर्ट का कदम बेहद महत्वपूर्ण है. एक ओर, केंद्र सरकार स्वच्छता अभियान चला रहा है, तो दूसरी ओर कोर्ट ने राजनीति में स्वच्छता अभियान की एक तरह से शुरुआत कर दी है.
-हरिश्चंद्र महतो, बेलपोस
