आज शिक्षा का महत्व पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है. सिर्फ नौकरी व व्यवसाय के लिए ही शिक्षा महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बेहतर जीवन जीने और समाज के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए भी शिक्षा बेहद जरूरी है. जब आम आदमी को अपना जीवन बसर करने के लिए शिक्षा इतनी जरूरी है, तो क्या शासन चलानेवाले नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है?
जो राजनेता चुनाव में हिस्सा लेकर शासन में अपनी भागीदारी निभाते हैं, उनके कंधों पर देश चलाने की जिम्मेदारी अधिक होती है. इस लिहाज से भी देखेंगे, तो उनका शिक्षित होना बेहद जरूरी है. लोकतंत्र की गाड़ी बेहतरीन तरीके से तभी संचालित हो सकता है, जब लोकतंत्र में शामिल होनेवाले लोग शिक्षित होंगे. जो खुद शिक्षा से वंचित होंगे, वे देश की बागडोर कैसे संभाल सकते हैं?
– कुंदन कुमार गोंसू, बुंडू, रांची
