सोशल साइट्स के मनचलों पर लगे रोक

देश में डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया तेज हो गयी है. हम इंटरनेट के जरिये वैश्विक हो रहे हैं. इंटरनेट ने हमारे जीवन में अहम रोल निभाना शुरू कर दिया है. वहीं, दुख की बात है कि सोशल साइट्स पर दिन-प्रतिदिन मनचलों की संख्या बढ़ती जा रही है. ये अनर्गल प्रलाप के साथ ही किसी के साथ […]

देश में डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया तेज हो गयी है. हम इंटरनेट के जरिये वैश्विक हो रहे हैं. इंटरनेट ने हमारे जीवन में अहम रोल निभाना शुरू कर दिया है. वहीं, दुख की बात है कि सोशल साइट्स पर दिन-प्रतिदिन मनचलों की संख्या बढ़ती जा रही है. ये अनर्गल प्रलाप के साथ ही किसी के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी नहीं चूकते. सोशल साइट्स पर किसी महिला द्वारा सामग्री पोस्ट करते के बाद कमेंट बॉक्स में अश्लील मैसेज देने के साथ-साथ भद्दी-भद्दी आपत्तिजनक वस्तुओं को भी प्रेषित करते हैं.
कई बार तो घरेलू महिला के पोस्ट पर अभद्र कमेंट्स देखने के बाद कई घरों में कलह तक पैदा हो जाती है. लोग बिना किसी वजह के ही सभ्य महिलाओं पर शक करना शुरू कर देते हैं. समझ में नहीं आता कि अभिव्यक्ति की यह कैसी आजादी है? इस पर रोक लगाने की जरूरत है.
– नसीब राज, ई-मेल से

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