केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व झारखंड के मुख्यमंत्री एनएच-33 की खराब अवस्था पर भी ध्यान दें. हालांकि, चौड़ीकरण का काम कराया जा रहा है, लेकिन यह कछुए की गति से पूरा किया जा रहा है. इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. सड़क पर गड्ढों की भरमार होने के कारण सुगमतापूर्वक परिचालन नहीं हो पा रहा है. साथ ही, यहां से बसों का परिचालन भी काफी खराब है.
अविभाजित बिहार में जब राज्य परिवहन निगम की बसें परिचालन में थीं, तो चौबीसों घंटे लंबी दूरी की यात्रा करनेवाली सवारियों को गाड़ियां मिल जाती थीं, लेकिन अब शाम के छह बजे के बाद कोई बस नहीं मिलती है. इसका प्रमुख कारण निजी बसों की भरमार और सरकारी बसों को सड़क से हटा लिया जाना है. अत: सरकार से आग्रह है कि वह इस दिशा में कारगर कदम उठाये.
-अजय कुमार, जमशेदपुर
