देश में सामाजिक स्तर पर होनेवाले अपराध में बढ़ोतरी तो हो ही रही है, साथ ही साथ साइबर क्राइम का दायरा भी अपेक्षाकृत बढ़ता जा रहा है. साइबर अपराधी कम समय में भोले-भाले लोगों को बहला-फुसला कर शिकार बना लेते हैं. स्थिति यह है कि देश के साइबर अपराधी किसी की आर्थिक व पारिवारिक हैसियत को भी नहीं देखते. वे अमीर-गरीब सभी को शिकार बनाते हैं.
इसमें तो कई परिवार पूरी तरह बरबाद होते भी देखे गये हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस प्रकार के अपराध के शिकार के लोग लूट के बाद लूटी गयी संपत्ति को वापस भी नहीं ले पाते. कई बार तो किसी पिता को बेटी की शादी के पहले ही लूटते हुए देखा जाता है.
दुखद तो यह है कि साइबर अपराध के शिकार लोगों के मामले दर्ज करने में पुलिस भी आनाकानी करती नजर आती है. अत: सरकार को चाहिए कि वह इस पर लगाम लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाये.
-गणेश सिंह, सहरजोरी चितरा
