दुनिया का हर व्यक्ति शांति और सुकून से अपना जीवन बिताना चाहता है. शांति की तलाश में लोग न जाने क्या-क्या कर जाते हैं. कोई मंदिर, मठ गुरुद्वारे में मत्था टेकता है, तो कोई मसजिद, चर्च और न जाने किन-किन धार्मिक स्थलों की यात्रा करता है. यहां तक कि लोग हिमालय की ऊंचाइयों पर जाने से भी नहीं हिचकते हैं. इसके बावजूद लोगों को शांति नहीं मिल पाती.
इसका सबसे बड़ा कारण हमारे समाज में अशांति का वातावरण बनाया जाना है. आज की तारीख में हमारे देश में सामाजिक माहौल का निर्धारण समाज के लोगों द्वारा न होकर राजनेताओं द्वारा किया जा रहा है. वे जिस हिसाब से समाज के लोगों को घुमाना चाहते हैं, वे उसी के अनुरूप कार्य को अंजाम देते हैं. यही वजह है कि आज हर जगह आशांति का माहौल है.
-संघर्ष यादव, ई-मेल से
