पुतिन के हस्तक्षेप से मची हलचल

सीरिया के युद्ध में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हस्तक्षेप करने से एशिया, यूरोप और अमेरिका की राजनीति में हलचल मच गयी. वहां खुद सीरिया, रूस और ईरान की त्रिशक्ति आइएस के जिहादियों से लोहा ले रही है. इधर कुछ दिनों से इराक ने भी उसमें अपनी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है. आइएस […]

सीरिया के युद्ध में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हस्तक्षेप करने से एशिया, यूरोप और अमेरिका की राजनीति में हलचल मच गयी. वहां खुद सीरिया, रूस और ईरान की त्रिशक्ति आइएस के जिहादियों से लोहा ले रही है. इधर कुछ दिनों से इराक ने भी उसमें अपनी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है.
आइएस ने खलीफा परंपरा को दोबारा शुरू करके इराक और सीरिया आदि के बड़े हिस्से को मिला कर एक नये देश की स्थापना की है. उसके आतंक से सीरिया के लोग यूरोप में शरण लेने को मजबूर हैं. वहां के निवासी यूरोप के हंगरी,जर्मनी, चेक गणराज्य, फ्रांस, ब्रिटेन, सर्बिया, ऑस्ट्रिया आदि देशों में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं.
सीरियाई शरणार्थियों की घर वापसी और आंतरिक आतंकवाद को रोकने के लिए रूस ने सीरिया के मामले में दखल देना शुरू किया, जिससे खलबली मची है. रूस से पहले जब इन देशों के पास मौका था, तो उसे गंवा दिया और अब एतराज जता रहे हैं.
-नारायण प्रकाश, दिल्ली

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