चीन सैन्य महाशक्ति के साथ ही आर्थिक महाशक्ति भी बन रहा है. अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली देश चीन को फटकार तो सकते हैं, लेकिन उसकी शक्तियों को देख कर आंखें नहीं तरेर सकते. चीन के आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरने के कई अहम वजह हैं.
सबसे बड़ी वजह वह हमेशा सस्ते सामानों के निर्यात के जरिये दुनिया भर से धन बटोरने में लगा है. उसका आयात से अधिक निर्यात पर जोर है. दूसरा सबसे बड़ा कारण है उसके यहां श्रम शक्ति अधिक और क्रय क्षमता कम है. इससे भी उसे धन संचय करने का मौका मिल रहा है.
हालांकि, भारत भी दुनिया भर में तेजी से बढ़नेवाली अर्थव्यवस्थाओं में गिना जा रहा है, लेकिन यहां की पूंजी सीमित लोगों के हाथों में जमा है. चीन साम्यवाद का पोषक हैं और भारत के साथ ऐसा नहीं है, इसीलिए चीन भारत पर भारी है़
-जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी
