महंगाई से बेहाल है जनता

प्राचीन काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, मगर आज स्थिति काफी कुछ बदल चुकी है. आज उसी भारत में लोगों का जीना दुभर हो गया है. इसका सबसे बड़ा कारण महंगाई है. महंगाई से देश की जनता पूरी तरह से त्रस्त है. स्थिति यह कि देश की गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक […]

प्राचीन काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, मगर आज स्थिति काफी कुछ बदल चुकी है. आज उसी भारत में लोगों का जीना दुभर हो गया है. इसका सबसे बड़ा कारण महंगाई है.
महंगाई से देश की जनता पूरी तरह से त्रस्त है. स्थिति यह कि देश की गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भी नहीं मिल पा रहा है. एक तो हमारे देश की ज्यादातर महिलाएं रक्ताल्पता की शिकार हैं. उस पर तुर्रा यह कि महंगाई ने और ही लोगों की कमर तोड़ दी है.
गर्भ में पल रहे बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं, तो जन्म लेने के बाद भी उन्हें इससे निजात नहीं मिल रही है. हालांकि, गरीबी और कुपोषण मिटाने के लिए देश में सरकारी योजनाएं पहले से ही चलायी जा रही हैं, लेकिन महंगाई कम करने की दिशा में कठोर कदम नहीं उठाये जा रहे हैं. सरकार को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा.
-विजय कुमार अग्रवाल, रांची

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