प्रतिभावान छात्रों को मिले मुफ्त शिक्षा

सरकार की ओर से शिक्षा के नाम पर अरबों-खरबों रुपये खर्च करने के बावजूद ज्यादातर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है. झारखंड के कई स्कूलों में तो एक-दो शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है. सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले छात्र सरकारी कुप्रबंधन का शिकार हो रहे हैं. हालांकि, विभिन्न योजनाओं के […]

सरकार की ओर से शिक्षा के नाम पर अरबों-खरबों रुपये खर्च करने के बावजूद ज्यादातर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है. झारखंड के कई स्कूलों में तो एक-दो शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है. सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले छात्र सरकारी कुप्रबंधन का शिकार हो रहे हैं.
हालांकि, विभिन्न योजनाओं के जरिये सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले छात्रों को मध्याह्न भोजन के साथ वर्दी, जूते, पुस्तकें आदि भी उपलब्ध कराये जाते हैं. इसके साथ ही, 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का अधिकार भी प्रदान किया गया है.
इसके बावजूद सरकारी स्कूलों की शिक्षा के स्तर में किसी प्रकार का सुधार नहीं हो रहा है. हमारा सरकार से आग्रह है कि प्रतिभावान छात्रों को प्राथमिक स्तर से गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जाये.
-रागिनी मिश्रा, जमशेदपुर

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