स्मार्ट फोन की गिरफ्त में युवा पीढ़ी

आजकल की युवा पीढ़ी स्मार्ट फोन की गिरफ्त में आ चुकी है. सुबह होते ही देश के ज्यादातर नौनिहाल स्मार्ट फोन को संचालित करने में जुट जाते हैं. हालांकि, सूचना तंत्र के लिए यह एक उपयोगी उपकरण है, लेकिन हमेशा इसमें लगे रहने से कई प्रकार के नुकसान भी होते हैं. सबसे पहले विद्यार्थी पढ़ाई […]

आजकल की युवा पीढ़ी स्मार्ट फोन की गिरफ्त में आ चुकी है. सुबह होते ही देश के ज्यादातर नौनिहाल स्मार्ट फोन को संचालित करने में जुट जाते हैं. हालांकि, सूचना तंत्र के लिए यह एक उपयोगी उपकरण है, लेकिन हमेशा इसमें लगे रहने से कई प्रकार के नुकसान भी होते हैं.

सबसे पहले विद्यार्थी पढ़ाई और देश-समाज से दूर होते जा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है. सबसे खतरनाक तो व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइटों से हमेशा चिपके रहना है. कहने को तो सोशल साइट दुनिया के लोगों में आपसी संबंध विकसित करने में सहायक होते हैं, लेकिन ज्यादातर वेबसाइटों पर अश्लील वीडियो और गानों के सिवा कुछ देखने-सुनने को मिलता ही नहीं. आज स्मार्ट फोन लोगों को सूचना तंत्र से जोड़ने के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी समय निर्धारित करना है.

– अंश झा, ई-मेल से

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