चुनावों में रोकना होगा भ्रष्टाचार

झारखंड में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है. विकास की शुरुआत सबसे निचले पायदान से शुरू होती है और सबसे निचला पायदान पंचायत ही है. सभी सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निचले पायदान से ही होता है. योजनाओं के क्रियान्वयन में जमकर आिर्थक अनियमितता बरती जाती है. यदि विकास कार्यों की शुरुआत पंचायत से होती […]

झारखंड में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है. विकास की शुरुआत सबसे निचले पायदान से शुरू होती है और सबसे निचला पायदान पंचायत ही है. सभी सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निचले पायदान से ही होता है. योजनाओं के क्रियान्वयन में जमकर आिर्थक अनियमितता बरती जाती है. यदि विकास कार्यों की शुरुआत पंचायत से होती है, तो भ्रष्टाचार भी यहीं से पनपता है. विकास योजनाओं के कार्यों में भ्रष्टाचार की शुरुआत भी यहीं से होती है.
पंचायती उम्मीदवार जानते हैं कि स्थानीय स्तर पर होनेवाले इस चुनाव में उन्हें भी विधानसभा अथवा लोकसभा चुनावों की तरह पैसा झोंकना होगा. चुनावों में उम्मीदवार पैसा झोंकने का गुर अपने नेताओं से ही सीखते हैं, क्योंकि उन्हें चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है. हमें इसे रोकना होगा.
– संजीव कुमार, सिकटिया

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