यातायात पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करनेवाले वाहन चालकों की जांच तेजी से की जा रही है, लेकिन उसकी नजर ग्रामीण इलाकों की ओर नहीं है. अगर आप गौर करें, तो शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में ही वाहन चलाने में नियमों की अवहेलना होती है. सीमा से ज्यादा तेज गति में वाहन चलाना, लाउड स्पीकर, तेज हॉर्न, ट्रिपल राइडिंग, अंडर ऐज ड्राइविंग आदि शहरों में ही नहीं, गांवों में नियमों का उल्लंघन होता है.
गांवों में न तो पेट्रोलिंग होती है और न ही किसी वाहनों की जांच की जाती है. आये दिन ग्रामीण क्षेत्र में दुर्घटनाएं हो रही हैं. आधुनिक भारत के गांवों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके मद्देनजर यहां भी ट्रैफिक िनयमों की जरूरत है. सरकार से आग्रह है कि वे ग्रामीण इलाके में भी यातायात नियमों के पालन का प्रबंध करें.
– पालूराम हेंब्रम, सालगाझारी
