शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में फर्जी सर्टिफिकेट का पाया जाना गंभीर मामला हैं. इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित काउंसलिंग के दौरान टेट पास का प्रमाण पत्र जमा करा लेना अच्छी पहल है. लेकिन इसके पहले शिक्षकों की हुई नियुक्ति में कई अभ्यर्थी अनेक जिलों से आवेदन किये हुए थे.
गृह जिला में चयनित होने के बाद उन्होंने घर से नजदीक वाले स्कूलों में ज्वाइन कर लिया. बाकी के जिलों में उनकी सीटें खाली ही रह गयीं. विभाग को चाहिए कि प्रथम चरण में नवनियुक्त शिक्षकों का भी टेट प्रमाण पत्र जमा करा ले, ताकि वे दोबारा किसी अन्य जिले में आयोजित काउंसलिंग में शामिल न हो सकें.
आराधना, जमशेदपुर
