संकल्प के साथ सपना करें साकार

पुरानी कहावत है, ‘जैसा खाओ अन्न, वैसा रहेगा मन.’ यहां पर हम थोड़ा आगे बढ़ कर जोड़ना चाहेंगे कि ‘स्वच्छ रहे तन, तो स्वस्थ रहे मन.’ इसका अर्थ यह है कि यदि आपका शरीर साफ रहेगा, तो आपकी आत्मा रूपी मन भी साफ रहेगा. मन तभी साफ रहेगा, जब आपके आसपास का माहौल स्वच्छ रहेगा. […]

पुरानी कहावत है, ‘जैसा खाओ अन्न, वैसा रहेगा मन.’ यहां पर हम थोड़ा आगे बढ़ कर जोड़ना चाहेंगे कि ‘स्वच्छ रहे तन, तो स्वस्थ रहे मन.’ इसका अर्थ यह है कि यदि आपका शरीर साफ रहेगा, तो आपकी आत्मा रूपी मन भी साफ रहेगा. मन तभी साफ रहेगा, जब आपके आसपास का माहौल स्वच्छ रहेगा.
आपके आसपास का माहौल तभी स्वच्छ रहेगा, जब आप पूरे संकल्प के साथ सफाई करने के लिए कदम आगे बढ़ायेंगे. सार्थक कार्यों के लिए बढ़ाया गया एक कदम अपने साथ सौ लोगों को जोड़ता है. आज हमारे देश में स्वच्छता को लेकर बीते एक साल से अभियान चला हुआ है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. इसका सबसे बड़ा कारण देश के आम नागरिकों द्वारा सार्थक प्रयास नहीं किया जाना है.
आसपास का माहौल स्वच्छ नहीं होने से बीमारियां और अपराध बढ़ रहे हैं. आज हमें संकल्प के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है.
– मनोरमा सिंह, जमशेदपुर

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